Parashar Astrology Level – 2
⭐⭐ बेसिक कोर्स का पूरा रिवीजन ⭐⭐
⭐ नौ ग्रहों का बारह भावो में फल :-
केतु का बारह भावो में फल
शुक्र का बारह भावो में फल
सूर्य का बारह भावो में फल
चंद्र का बारह भावो में फल
मंगल का बारह भावो में फल
राहु का बारह भावो में फल
गुरु का बारह भावो में फल
शनि का बारह भावो में फल
बुध का बारह भावो में फल
⭐ नौ ग्रहों का विभिन्न राशियों में क्या फल होगा :-
सूर्य का मेष राशि में क्या फल होगा
सूर्य का वृषभ राशि में क्या फल होगा
सूर्य का मिथुन राशि में क्या फल होगा
सूर्य का कर्क राशि में क्या फल होगा
सूर्य का सिंह राशि में क्या फल होगा
सूर्य का कन्या राशि में क्या फल होगा
सूर्य का तुला राशि में क्या फल होगा
सूर्य का वृश्चिक राशि में क्या फल होगा
सूर्य का धनु राशि में क्या फल होगा
सूर्य का मकर राशि में क्या फल होगा
सूर्य का कुंभ राशि में क्या फल होगा
सूर्य का मीन राशि में क्या फल होगा
इसी प्रकार चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि राहु और केतु का क्या परिणाम होगा
⭐ भावेश फल विचार जैसे :-
लग्नेश का एक से बारह भावो में क्या फल होगा
धनेश का एक से बारह भावो में क्या फल होगा
पराक्रमेश का एक से बारह भावो में क्या फल होगा
सुखेश का एक से बारह भावो में क्या फल होगा
रोगेश का एक से बारह भावो में क्या फल होगा
कलत्रेश का एक से बारह भावो में क्या फल होगा
रंध्रेश का एक से बारह भावो में क्या फल होगा
भाग्येश का एक से बारह भावो में क्या फल होगा
कर्मेश का एक से बारह भावो में क्या फल होगा
लाभेश का एक से बारह भावो में क्या फल होगा
व्ययेश का एक से बारह भावो में क्या फल होगा
⭐ योग विचार :-
नीचभंग राजयोग
विपरीत राजयोग
राजयोग
दैन्य योग
केन्द्राधिपति दोष
पंच महापुरुष योग
गजकेसरी योग
षडाष्टक योग
पापकर्तरी / शुभ कर्तरी योग
कुलदीपक योग
धन योग
दुर्घटना के योग,
आकस्मिक मृत्यु के योग
ऋणग्रस्त होने के योग
अन्य योग
⭐ Prediction करने के नियम
⭐ गोचर का स्वरूप और उसका आधार, नौ ग्रहों के गोचर का फल, नवग्रहों का अन्य ग्रहों पर से भ्रमण
⭐ वर्ग कुंडलियों का अध्ययन
होरा चक्र
द्रेष्काण विचार
चतुर्थांश (तुर्यांश) विचार
पंचमांश विचार
षष्ठांश विचार
सप्तमांश कुंडली
अष्टमांश कुंडली
नवमांश कुंडली
दशांश कुंडली
एकादशांश कुंडली
द्वादशांश D-12 कुंडली
षोडशांश (कलांश) D-16 वर्ग कुंडली
D-20 विंशांश कुंडली
D-24 चतुर्विंशांश कुंडली
D-27 सप्तविंशांश वर्ग कुंडली
D-30 त्रिंशांश कुंडली
D-40 चत्वारिंशांश या खवेदांश
D-45 अश्वदांश कुंडली
D-60 षष्ट्यंश कुंडली
द्वादश लग्न विचार
⭐ निम्नलिखित पर फलादेश
जातक का स्वभाव, उसकी आदत उसके अच्छे बुरे गुण दोष, खाने पीने में क्या पसंद है और क्या नहीं।
जातक की शिक्षा, उसके जीवन में मिलने वाले सुख।
जातक का विवाह कब होगा, उसका जीवन साथी कैसा होगा। विवाह में विलंब एवं परेशानियां, विवाह ना होने के योग, विधवा और विदुर होने के योग, दो विवाह के योग, प्रेम विवाह के योग, तलाक के योग
जातक के संतान कब होगी, उसके कितने बच्चे होंगे।
वाहन, मकान , माता और जमीन का सुख, घर का मकान कब होगा
नौकरी करेगा या व्यापार, किस कार्य में मिलेगी अपार सफलता
प्रमोशन कब होगा, ट्रांसफर कब होगा।
सरकारी नौकरी लगेगी या नहीं।
जातक का स्वास्थ्य कैसा रहेगा किस प्रकार के रोगो की सम्भावना रहेगी।
विदेश यात्रा, अस्पताल के चक्कर या जेल यात्रा।
लॉटरी, जुआ, सट्टा से लाभ है या नहीं।
⭐ वर्गोत्तम ग्रह, रूद्र ग्रह, अरिष्ट भंग
⭐ विंशोत्तरी दशा का विश्लेषण कोई भी घटना कब घटेगी
⭐ कुंडली मिलान क्या है और कैसे करे? कुंडली मिलान का महत्व, शास्त्रों के अनुसार, विवाह के प्रकार, कुंडली मिलान के उद्देश्य कुंडली मिलान के घटक :- वर्ण,वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी। नाड़ी और भकूट दोष होने पर क्या करे।
⭐ अष्टक वर्ग सिद्धांत, अष्टक वर्ग के फलित नियम
⭐ पंचाग और मुहूर्त का विस्तृत अध्ययन, पंचक, तारा लगना, तारा अस्त होना, चौघड़िया, होरा, क्षय तिथि, वृद्धि तिथि, त्यौहार का दो दो दिन आना, मलमास, पुरषोत्तम मास इत्यादि। 16 संस्कार मुहूर्त
⭐ अच्छे ग्रहों को मजबूत और बुरे ग्रहों के शमन के उपाय
⭐ प्रैक्टिकल सेशन
⭐ प्रैक्टिकल सेशन
⭐ प्रैक्टिकल सेशन
⭐ प्रैक्टिकल सेशन
Deliverables:-
Complete study material in the form of hard copy
Video recording of each session through e-learning
Certificates manually by Acharya ji
A brief note book for prediction





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